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Showing posts from October, 2021

खुशहाल जीवन के रहस्य Part-5/ कैरियर का जादू /Recipe for Happy Life/Secret of Happy Life

आज के आधुनिक युग में भौतिकवाद के आरामदायक जीवन के नीचे मां-बाप, मां-बेटे, भाई-भाई, भाई-बहन और अन्य सभी रिश्ते सिर्फ औपचारिकता निभाने वाले बन कर रह गए है। भौतिकवाद के पहले इन रिश्तों की बड़ी इज्जत और मान-प्रतिष्ठा रहती थी। हर संबंध के साथ त्याग और प्रेम की लंबी-लंबी कहानियां जुड़ी हुई रहती थीं। लोग कुछ इस प्रकार से जुड़े हुए थे कि ऐसे ही रिश्ते उदाहरण बनकर एक-दूसरे को प्रेरणा देते थे। इसका सुखद उदाहरण था ज्वाइंट फैमिली और ज्वाइंट फैमिली की व्यवस्था, जिसमें परिवार का हर सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख को आपस में बांटता था। पैसे की कमी के होते हुए भी पत्नी संतुष्ट और सुखी रहती थी। You can visit and subscribe my YouTube Channel -     Jeena Sikho Motivation वह कभी-भी अपनी असंतुष्टि का प्रदर्शन नहीं करती थी। कमर्शियल डेवलपमेंट के साथ हमारे देश में भी पश्चिमी सभ्यता ने एंट्री किया और ज्वाइंट फैमिली के स्थान पर सिंगल परिवार सिस्टम का उदय हुआ। महिलाओ को भी अपने अधिकारों का आभास हुआ और वे स्वतंत्रता और समानता की लड़ाई लड़ने के लिए खुल कर सामने आईं और शिक्षा प्राप्त कर आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्ति के

'हीरों से भरा खेत' एक प्रेरक कहानी (Inspirational Story in Hindi)

दोस्तों हमारे जीवन में कोई मौका दोबारा दरवाजा नहीं खटखटाता। याद रखिए हमेशा दूसरा मौका पहले वाले मौके से बेहतर या फिर बदतर भी हो सकता है, पर वह ठीक पहले वाले मौके जैसा नहीं हो सकता । इसीलिए सही वक़्त पर सही फैसला लेना बेहद ज़रूरी होता है। गलत वक़्त पर लिया गया सही फैसला भी गलत फैसला बन जाता है। You can visit and subscribe my YouTube Channel -   Jeena Sikho Motivation आज इसी विषय पर एक मोटिवेशनल कहानी (Motivational story) आपके लिए लेकर आया हूं जो आपको जीवन में सफलता दिलाने और प्रेरित करने के लिए काफी हद तक मददगार साबित होगा । इसे भी जरूर पढ़ें -  खुशहाल जीवन के रहस्य Part-1/ दिखावे में बिगड़ता बजट  हीरों से भरा खेत ACRES OF DIAMONDS हाफिज अफ़्रीका का एक किसान था। वह अपनी जिंदगी से खुश और सतुष्ट था। हाफिज खुश इसलिए था क्योंकि कि वह संतुष्ट था। वह संतुष्ट इसलिए था क्योंकि वह खुश था।  एक दिन एक समझदार आदमी उसके पास आया। उसने हाफिज को हीरों के महत्त्व और उनसे जुड़ी ताकत के बारे में बताया। उसने हाफिज से कहा, “अगर तुम्हारे पास अंगूठे जितना भी बड़ा हीरा हो, तो तुम पूरा शहर खरीद सकते हो, और अगर त

खुशहाल जीवन के रहस्य Part-3/ जीवन में धन की भूमिका /Recipe for Happy Life/Secret of Happy Life

पति-पत्नी में तनावों के प्रमुख कारणों में धन की कमी और धन की अधिकताका बराबर महत्त्व है। धन को यदि तनावों की धुरी कहा जाए, तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। पंजाबी में एक कहावत है, जिनके घर दाने, उनके कमले भी  सयाने। कहने का आशय यह है कि जो धनी हैं, वे भले ही पागल हों, लेकिन उनका पागलपन भी धन के प्रभाव में छिप जाता है, लेकिन जहां तक दांपत्य संबंधों का प्रश्न है, इन पर धन का प्रभाव उतना अधिक नहीं पड़ता। यद्यपि भौतिकवादी संसार में धन के प्रभाव ने जीवन मूल्यों को भी प्रभावित किया है और मनुष्य को अंधा बना दिया है, जो रात-दिन निन्यानवे के चक्कर में ही पड़ा रहता है और उचित-अनुचित सभी साधनों से पैसा कमाना चाहता है। ऐसे लोग भी सुखों का साधन धन को मानते हैं। यह एक वास्तविकता है कि धन सभी सुखों का साधन कभी नहीं रहा है। इस संदर्भ में तसलीमा नसरीन ने मुनमुन सरकार से अंतरंग बातचीत में यह पूछने पर कि आपके मन में सुख की अवधारणा क्या है? बताया, किस चीज को आप सुख के रूप में देखती हैं? उनका कथन था कि सुख एक सापेक्षिक स्थिति है, रिलेटिव मामला है। जैसे बचपन में मैं कोई खिलौना पाकर सुख का अनुभव करती थी, लेकिन अब वै

खुशहाल जीवन के रहस्य Part-4/ धन की कमी अशांति का कारण /Recipe for Happy Life/Secret of Happy Life

कैसा भी परिवार हो, ज्वाइंट या सिंगल, आर्थिक अभाव की मार हर घर में भूचाल ला देती है। इससे लड़ना किसी भी पति-पत्नी का पहला धर्म है। ऐसा न होने पर तनाव का होना स्वाभाविक है। इससे बचने के लिए आपके बजट का बैलेंस करना, सेविंग करना तथा extra income के साधन की व्यवस्था करना बहुत जरूरी होता है। जो ऐसा कर लेते है उनकी जिंदगी शांति ही शांति होती है और जीवन भी खुशहाल में बीतता है लेकिन जो ऐसा नहीं कर पाते है तो फिर वहां उत्पन्न होती घर में अशांति। You can visit and subscribe my YouTube Channel -   Jeena Sikho Motivation पति-पत्नी का प्यार भी धन की कमी होने से कम होने लगते हैं। विशेषकर तब, जब धन इतना अधिक कम होता है कि जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति होना भी संभव न हो सके। धन की कमी न केवल पति-पत्नी को अंदर-ही-अंदर तोड़ देता है, बल्कि कभी तो परिस्थिति इससे भी भयानक हो जाती है। आर्थिक अभावों के बारे में सोच-सोच कर दोनों अपनी-अपनी भाग्य का रोना रोते रहते हैं। ऐसे लोग कभी भगवान को, तो कभी अपने आपको कोसते हैं। धन की कमी प्रेम संबंधों को इस हद तक सुखा देती है कि वे यह भूल ही जाते हैं कि उनके जीवन में सुख भ

खुशहाल जीवन के रहस्य Part-2/ अत्यधिक व्यस्तता-एक अभिशाप/Secret of Happy Life Part-2

 खुशहाल जीवन के रहस्य Part-2/ अत्यधिक व्यस्तता-एक अभिशाप/Secret of Happy Life Part-2 “काम ! काम !! काम !!! अगर तुम्हारे पास मेरे लिए समय ही नहीं था, तो फिर तुमने मुझसे शादी ही क्यों की? ये बच्चे मैं अपने बाप के घर से तो लेकर नहीं आई? आखिर तुमने मुझे इस जिंदगी में तनावों के सिवाय और दिया ही क्या है? तुमने मुझे पत्नी समझा ही कब है? मैं तो इस घर की कामवाली या नौकरानी हूं, नौकरानी...।" पति की व्यस्तताओं का यह रोना मध्यवर्गीय परिवारों की औरतों का एक ऐसा रोना है, जिसमें दोष किसी का नहीं होता, फिर भी इन तनावों के लिए पति-पत्नी एक-दूसरे को दोषी मानते हैं। व्यस्तता का यह व्यवहार ही पति-पत्नी संबंधों पर विष बेल की भांति छा रहा है। तनावों की ये काली घटाएं कब चमक जाएं, कब बरस जाएं कुछ कह नहीं सकते...। इसे भी अवश्य पढ़ें-  जिंदगी को जीने की कला | Art of Live a Happy Life. पत्नी ने मन की पीड़ा को बड़ी सरल भाषा में व्यक्त करने के प्रयास किए गए, जब देखो काम ही काम । क्यों नहीं लेते पिया प्यार का नाम...।" यह फिल्मी "भले ही आपने कभी ध्यान से न सुना हो, लेकिन इस गीत में है। कुछ पति तो पत्नी

खुशहाल जीवन के रहस्य Part-1/ दिखावे में बिगड़ता बजट /Recipe for Happy Life/Secret of Happy Life Part-1

दिखावे में बिगड़ता बजट /Dikhaave Mein Bigadata Bajat. दोस्तों आपने अंग्रेजी में एक कहावत तो सुनी ही होगी "Cut your coat according to your cloth" और इसी को हिंदी में कहते है "उतना ही पैर फैलाइए, जितनी लंबी चादर."  लेकिन इन सब के बाद भी लोग शादी-विवाहों में इतना अधिक खर्च करते हैं कि शादी-विवाह पर किया हुआ खर्च न केवल उन्हें कर्ज़दार बना देता है, बल्कि तनाव भरी जिंदगी जीने के लिए मजबूर कर देता है। You can visit and subscribe my YouTube Channel -   Jeena Sikho Motivation बड़े-बड़े मॉल में घूमने जाना , लोन लेकर महंगी गाडी खरीदना , लोन लेकर बड़ा सा घर लेना।  ये सब उन्हें बस चक्रव्यूह में फ़ासते चले जाते है।  हैसियत से ज्यादा महंगी गाड़ी वो भी सिर्फ पडोसी या अपने जूनियर को दिखने के लिए।  घर में कोई आये तो ये न कहे की इनकी टेलीविज़न छोटा है या फिर सोफे छोटे है इससे बचने के लिए क़र्ज़ लेकर महंगे सामान खरीदना और बाद में पैसे के लिए परेशान रहना ये कहाँ की बुद्धिमानी है।   इसे भी अवश्य पढ़ें -  जीतना है तो पहले खुद को जीतो | If you want to win, first win with yourself. मैंने वर्तम

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